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कार्तिकेय आरती मराठी Kartikeya Aarti in Marathi

सदया सगुणा देवा तारकसंहारी
कृत्तिकानंदन षण्मुख जै असुरांतकारी।
अघहारी सुखकारी शक्तिदंडधारी,
मंगलरुपा देवनायका आत्मज त्रिपुरारी।
 
जयदेव जयदेव जय स्वामी षण्मुखा,
सद्भावे ओवाळु प्रेमानी ओवाळु
आरती सुरभूपा।। जयदेव...
 
भयकृत भयनाशन ही नामें तुझे देवा,
विबुधादिक पद्मासन वांछिति तव सेवा।
नाव तुझे जपता निज तुझे दासा,
संकटवारी भक्तांचा तू करी शत्रुनाशा।।
 
लावण्यरुप तुझे तेज: पुंजाळराशी,
अवतरला कैलाशी देव तारावयासी।
उत्साह सुरवरां देवमंडळी प्रसन्न होसी,
देवांचा नायक विश्वाला रक्षिसी।।
 
षष्ठीचा दिवशी व्रत जे कोणी करिति,
संपती संतती निश्चय सर्व लाभति।
मंगळ चा दिवशी जे कोणि भजति,
प्रसन्न तु होतो देवसेना चा पति।।
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