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Last Modified: शनिवार, 24 जानेवारी 2026 (16:18 IST)

Narmada Aarti in Marathi नर्मदा आरती मराठीत

Narmada Jayanti 2026 Narmada River Aarti Lyrics Narmad Mata Aarti Narmada Aarti Marathi
नर्मदा जी की आरती
ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनन्द कन्दी।
ब्रह्मा हरिहर शंकर रेवा, शिव हरि शंकर रुद्री पालन्ती
॥ ॐ जय जय जगदानन्दी।
देवी नारद शारद तुम वरदायक, अभिनव पदचण्डी।
सुर नर मुनि जन सेवत, सुर नर मुनि शारद पदवन्ती
॥ ॐ जय जय जगदानन्दी।
देवी धूमक वाहन, राजत वीणा वादयन्ती।
झूमकत झूमकत झूमकत, झननन झननन रमती राजन्ती
॥ ॐ जय जय जगदानन्दी।
देवी बाजत ताल मृदंगा, सुर मण्डल रमती।
तोड़ीतान तोड़ीतान तोड़ीतान, तुरड़ड़ तुरड़ड़ तुरड़ड़ रमती सुरवन्ती
॥ ॐ जय जय जगदानन्दी।
देती सकल भुवन पर आप विराजत, निश दिन आनन्दी।
गावत गंगा शंकर सेवत रेवा शंकर, तुम भव मेटन्ती
॥ ॐ जय जय जगदानन्दी।
मैया जी को कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
अमरकंठ में विराजत, घाटनघाट कोटी रतन ज्योति
॥ ॐ जय जय जगदानन्दी।
मैया जी की आरती निशदिन पढ़ि गावें, हो रेवा जुग-जुग नर गावें।
भजत शिवानन्द स्वामी जपत हरि, मनवांछित फल पावें॥
ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनन्द कन्दी।
ब्रह्मा हरिहर शंकर रेवा, शिव हरि शंकर रुद्री पालन्ती
॥ ॐ जय जय जगदानन्दी।
 
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जय जय नर्मद ईश्वरी मेकल संजाते |
निराजयामि नाशित तापत्रय जाते ||धृ||
 
वारित संसृति भीते सुरवर मुनि गीते |
सुखदे पावन कीर्ते शंकर तनुजाते ||
देवापगाधि तीर्थे दत्ताग्र्य कुमर्थे |
वाचामगम्य कीर्ते जलमय सन्मुर्ते ||
जय जय नर्मद ईश्वरी मेकल संजाते |
निराजयामि नाशित तापत्रय जाते||१||
 
नन्दनवन समतीरे स्वादु सुधानीरे |
दर्शित भवपर तीरे दमितान्तकसारे ||
सकलक्षेमाधारे,वृत्तपारावारे |
रक्षास्मान् तिघोरे मग्नान् संसारे ||
जय जय नर्मद ईश्वरी मेकल संजाते |
निराजयामि नाशित तापत्रय जाते||२||
 
स्वयशः पावित जीवे , मामुध्दर रेवे |
तीरन्ते खलु सेवे त्वयि निश्चितभावे ||
कृतदुष्कृत दवदावे , त्वतपदराजीवे |
तारक ईहमे तीजवे , भक्त्या ते सेवे||
जय जय नर्मद ईश्वरी मेकल संजाते |
निराजयामि नाशित तापत्रय जाते||३||