ganesh chaturthi

शनिवारी वाचा श्री हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि

Published: शनिवार, 29 ऑगस्ट 2026 (07:46 IST)
 
लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
 
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।
 
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
 
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।
 
जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
 
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।
 
तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना।।
 
जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।
 
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
 
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।
 
राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
 
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डर ना।।
 
आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।
 
भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।
 
नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
 
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।
 
सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।
 
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै।।
 
चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।
 
साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।
 
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।
 
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।
 
तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
 
अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।
 
और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
 
संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
 
जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
 
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई।।
 
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
 
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।। 
 
दोहा :
 
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

सर्व पहा

Jyeshtha Gauri 2026 ज्येष्ठा गौरी आवाहन; जाणून घ्या शुभ मुहूर्त आणि या तीन दिवसांमागची कथा

मोदक पायसम खीर: पारंपरिक आणि चवदार दक्षिण भारतीय फ्युजन रेसिपी Modak Payasam Kheer

अनंत चतुर्दशी २०२६ कधी आहे? या दिवशी अनंत सूत्र बांधण्याची परंपरा आहे, या १४ गाठी कशाचे प्रतीक?

Santan Saptami 2026 १८ सप्टेंबर रोजी संतान सप्तमी, पूजा पद्धत, नियम आणि व्रताची कथा

दुकानातील मिठाई आणणे टाळा! घरीच बेसन वापरून १० मिनिटात मोतीचूर लाडू बनवा

सर्व पहा

Ganesh Chaturthi 2026 Sthapana Shubh Muhurat: १४ सप्टेंबर रोजी गणपती स्थापना शुभ मुहूर्त

देवांना अत्यंत प्रिय असणाऱ्या या फुलांच्या माळा अर्पण करा; मिळवा विशेष आशीर्वाद!

गणपती बाप्पाच्या स्वागतासाठी ३ प्रकारच्या चॉकलेट मोदकांची रेसिपी

कॅल्शियमची कमतरता दूर करण्यासाठी रोजच्या आहारात हे पदार्थ खा; हाडे आणि दात राहतील मजबूत!

खाऊन योग करणे योग्य आहे की अयोग्य, जेवणानंतर योगा करण्याचे परिणाम जाणून घ्या

पुढील लेख
Show comments